Battery Dead होने पर Jump Start कैसे करें? Jumper Cable लगाने का सही क्रम और Safety Steps

थोड़ी देर के लिए ऐसा मान लीजिए। सुबह ऑफिस निकलना है, जल्दी में Car में बैठे, चाबी घुमाई… और Engine ने कोई जवाब ही नहीं दिया। Dashboard की Lights धीमी पड़ गईं, या फिर बस “क्लिक-क्लिक” की आवाज़ आई। ऐसी हालत में सबसे पहले शक Battery पर ही जाता है, और ज़्यादातर बार यही सही भी निकलता है कि Car Battery Dead हो चुकी है। अगर Battery डिस्चार्ज हो गई है, तो फिर अब Car को स्टार्ट कैसे करेंगे? इस परेशानी में Jump Start करना Car को दोबारा स्टार्ट करने का एक practical तरीका है। इसके लिए आम तौर पर एक चालू Battery और Jumper Cable की ज़रूरत होती है। इन Cables की मदद से दूसरी Battery से थोड़ी देर के लिए करंट लेकर Dead Battery वाली Car का Engine स्टार्ट किया जा सकता है। लेकिन Cables को गलत Terminal पर लगाना या Safety के नियम नज़रअंदाज़ करना Battery को नुकसान, Short Circuit और गंभीर चोट की वजह बन सकता है। इसलिए पूरा तरीका एक बार ध्यान से समझ लेना ज़रूरी है। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि Car की Battery Dead क्यों होती है, Jumper Cable का सही Connection Order क्या है, Jump Start का एक के बाद एक Process क्या है, और किन गलतियों से बचना चाहिए।
⚠ Safety Warning: Battery फूली हुई दिखे, कहीं से टूटी हो, Acid रिस रहा हो या सड़े अंडे जैसी बदबू आ रही हो, तो Jump Start की गलती मत कीजिए। ऐसी Battery फट भी सकती है। सीधे Mechanic या Roadside Assistance को बुलाइए।

इस गाइड में

जल्दी में हैं? Jump Start का छोटा तरीका

    1. दोनों गाड़ियाँ बंद, Handbrake लगा हुआ, Lights और AC बंद।
    1. Red Cable: पहले Dead Battery का (+), फिर चालू Battery का (+)।
    1. Black Cable: चालू Battery का (-), फिर Dead Car के Engine का कोई बिना पेंट वाला Metal हिस्सा।
    1. चालू Car को 2-3 मिनट चलने दें, फिर अपनी Car स्टार्ट करें।
    1. गाड़ी स्टार्ट हो जाए तो Cable उल्टे क्रम में हटाएँ और कम से कम आधा घंटा Car चलाएँ।

कैसे पता करें कि Car Battery Dead है?

हर बार गाड़ी न चलने के पीछे Battery ही हो, ऐसा ज़रूरी नहीं। लेकिन नीचे वाले इशारे दिखें तो शक लगभग पक्का समझिए।

चाबी घुमाते ही “क्लिक-क्लिक”

Engine घूमने की जगह बस तेज़ क्लिक-क्लिक सुनाई दे। मतलब Starter Motor को घुमाने लायक करंट Battery में बचा ही नहीं।

Lights धीमी, या चाबी घुमाते ही बुझ जाएँ

Dashboard और Headlight दोनों मरी-मरी सी जल रही हैं? Battery लगभग खाली है।

Engine बहुत धीरे घूमता है

“घर्र… घर्र…” करके धीरे-धीरे घूमता है पर पकड़ता नहीं। सर्दियों की सुबह ये सबसे ज़्यादा होता है, और ये कमज़ोर Battery का पक्का निशान है।

Remote से Car खुलती ही नहीं

Key Fob दबाया, कुछ नहीं हुआ, अंदर की Light भी नहीं जली। ऐसे में Battery पूरी तरह Dead होने के चांस ज़्यादा हैं। अगर सिर्फ Remote की दिक्कत लग रही है, तो हमारी Key Fob काम नहीं कर रहा वाली गाइड भी देख लें।

Car Battery Dead होने के 5 आम कारण

Battery का असली काम है Engine को स्टार्ट करने का करंट देना और गाड़ी के बाकी बिजली वाले सिस्टम को सँभालना। ये खाली क्यों होती है? ज़्यादातर इन पाँच में से कोई एक वजह निकलती है।

1. Headlights या अंदर की Light जलती रह गई

गाड़ी पार्क की, जल्दी में उतरे, और Headlight या Cabin Light बंद करना भूल गए। बस, Battery धीरे-धीरे खाली होने लगती है। आजकल कुछ Cars में Lights अपने आप बंद हो जाती हैं, पर हर गाड़ी में ये सुविधा नहीं होती। जितनी देर Lights जलती रहीं, Battery उतनी गिरती गई। और एक हद के बाद Engine को उठाने लायक ताकत ही नहीं बचती। अच्छी बात ये है कि ऐसी Battery Jump Start के बाद आमतौर पर ठीक चल जाती है।

2. Battery पुरानी हो गई है

हर Battery की एक उम्र होती है। भारत की गर्मी में Car Battery आमतौर पर 3 से 5 साल चलती है। उम्र के साथ चार्ज पकड़ने की ताकत कम होती जाती है, और फिर ये बार-बार बैठने लगती है। ऐसी Battery में Jump Start बस कुछ दिन का जुगाड़ है। कभी-कभी Jump के बाद पुरानी Battery थोड़ी सँभल भी जाती है, पर हर बार नहीं। 3 साल से पुरानी है, तो एक बार Load Test करवा ही लीजिए।

3. गाड़ी कई दिनों से खड़ी है

Car हफ्तों तक चली ही नहीं, तो Battery का चार्ज अपने आप धीरे-धीरे कम होता रहता है। Alarm, Security System जैसे Electronic हिस्से Engine बंद होने पर भी थोड़ा-थोड़ा करंट खाते रहते हैं। इसीलिए बहुत से लोग गाड़ी को बीच-बीच में चला लेते हैं। बस स्टार्ट करके तुरंत बंद करने से फायदा नहीं, हफ्ते में एक बार 20-30 मिनट सड़क पर घुमा दीजिए।

4. Alternator या Charging System खराब

जब Engine चलता है, तब Alternator ही Battery को वापस चार्ज करता है। अगर यही खराब हो, तो Battery कभी पूरी भरती ही नहीं। ऐसे में Jump Start से गाड़ी चल तो जाएगी, पर थोड़ी देर बाद फिर बंद हो सकती है। Dashboard पर Battery वाली लाल Light जलती दिखे, तो इसे हल्के में मत लीजिए।

5. Terminals पर जंग जम गई

Battery के Terminals पर सफेद या नीली सी परत देखी है कभी? यही जंग (Corrosion) है। Battery में चार्ज होते हुए भी ये करंट को आगे ठीक से जाने नहीं देती। Servicing पर Terminals साफ करवा लें और ढीले Clamp कसवा लें।

प्रॉब्लम Battery में है या कहीं और? पहले ये देख लें

Cable निकालने से पहले एक मिनट रुकिए। नीचे की Table से अंदाज़ा लग जाएगा कि Jump Start से काम बनेगा भी या नहीं।
आपको क्या दिख रहा है सबसे संभावित वजह क्या करें
“क्लिक-क्लिक” आवाज़, Lights धीमी Car Battery Dead या बहुत कमज़ोर Jump Start करें
Lights पूरी तेज़, लेकिन Engine बिल्कुल नहीं घूमता Starter Motor या उसके Connection Mechanic से जाँच
Engine घूमता है, पर स्टार्ट नहीं होता Fuel, Ignition या Engine System Jump Start से फायदा नहीं, Mechanic बुलाएँ
स्टार्ट होकर थोड़ी देर में फिर बंद Alternator / Charging System Charging System टेस्ट करवाएँ
कुछ भी नहीं जलता, बिल्कुल Dead पूरी डिस्चार्ज Battery या ढीला Terminal Terminal देखें, फिर Jump Start
घर पर Multimeter है? तो Engine बंद रखकर Battery का Voltage नाप लीजिए, हालत तुरंत समझ आ जाएगी:
Car Battery Dead है या नहीं, Voltage chart से पहचानें: 12.6V पूरी चार्ज, 12.1V आधी, 11.7V बहुत कम
Engine बंद होने पर Car Battery का Voltage और उसका मतलब
ये आँकड़े आम 12 Volt Battery के हैं (Batteries Plus के Chart के हिसाब से)। Engine चालू हो और Meter 13.5 से 14.7 Volt दिखाए, तो समझिए Alternator अपना काम ठीक कर रहा है।

Jump Start से पहले ये चीज़ें पास रखें

Jump Start करने से पहले ज़रूरी सामान तैयार रखना काफी मददगार होता है। इससे इमरजेंसी के वक्त बेकार की देरी और असुरक्षित जुगाड़ से बचा जा सकता है। सही समय पर सही Tools हों तो समय भी बचता है और Short Circuit का खतरा भी कम हो जाता है। आम तौर पर आपको इन चीज़ों की ज़रूरत पड़ सकती है:
    • Jumper Cable: मोटी (8 Gauge या उससे मोटी) और कम से कम 12-16 फीट लंबी। कहीं से कटी-फटी न हो। लगभग ₹650 से ₹1,700 में आ जाती है।
    • चालू Car: उसकी Battery भी 12 Volt की हो। आम Petrol और Diesel Cars में 12 Volt ही होती है।
    • Gloves और चश्मा: Acid या अचानक Spark से बचने के लिए।
    • Torch: रात में Terminal और Metal Point ढूँढने के लिए।
    • Owner’s Manual: कई गाड़ियों में Jump Start के लिए अलग Point दिए होते हैं, ये इसी में लिखा होता है।
    • Portable Jump Starter (अगर दूसरी Car न मिले): इससे अकेले भी काम हो जाता है। लगभग ₹4,600 से ₹23,000 तक।

Jumper Cable लगाने का सही क्रम: यहीं सबसे ज़्यादा गलती होती है

Jump Start में सबसे ज़रूरी चीज़ यही है, Cable किस क्रम में लगेगी। आम 12 Volt गाड़ियों के लिए नीचे वाला क्रम ही चलता है, Autocar India भी यही बताता है। फिर भी कुछ कंपनियाँ अलग Point देती हैं, इसलिए Manual एक बार देख लेना।
Car Battery Dead होने पर Jumper Cable लगाने का सही क्रम: Red Cable दोनों Positive पर, Black Cable Good Battery के Negative से Engine Metal पर
Jumper Cable लगाने का सही क्रम: 1, 2, 3, 4 (हटाते समय उल्टा)

पहला: Red Cable को Dead Battery के (+) पर

Red Cable का एक Clamp बंद पड़ी Car की Battery के Positive (+) Terminal पर लगाइए। इस पर अक्सर + का निशान या लाल ढक्कन होता है। Clamp अच्छे से पकड़े, बस इतना ज़ोर मत लगाइए कि Terminal ही मुड़ जाए।

दूसरा: Red Cable का दूसरा सिरा चालू Battery के (+) पर

अब उसी Red Cable का दूसरा Clamp चालू Car की Battery के Positive (+) पर। बस, दोनों Positive आपस में जुड़ गए।

तीसरा: Black Cable चालू Battery के (-) पर

Black Cable का एक सिरा चालू Battery के Negative (-) Terminal पर लगाइए। इस वक्त दूसरा खुला Clamp हाथ में सँभालकर रखें, वो किसी Metal या गाड़ी की Body से छूना नहीं चाहिए।

चौथा: आखिरी Black Clamp Dead Car के Engine Metal पर

ये वाला सबसे ध्यान से। आखिरी Black Clamp Dead Battery के Negative पर नहीं लगाना है। इसे Dead Car के Engine Block या किसी मोटे, बिना पेंट वाले Bolt या Bracket पर लगाइए, जो Battery, Fuel Pipe और Fan-Belt से दूर हो। ऐसा क्यों? आखिरी Clamp लगाते समय छोटी सी चिंगारी निकल सकती है, और Battery के आसपास Hydrogen Gas हो सकती है। चिंगारी Battery से जितनी दूर, उतना सुरक्षित। Manual में कोई और Point लिखा हो, तो वही मानिए।
याद रखने का आसान तरीका: Red = Positive से Positive। Black = चालू Battery के Negative से Dead Car के Engine Metal तक। निकालते समय सब उल्टा।

Car Battery Dead हो तो Jump Start कैसे करें: पूरा तरीका

Connection Order समझ लेने के बाद असली Jump Start का Process फॉलो करना आसान हो जाता है।

Step 1: दोनों गाड़ियाँ सही जगह खड़ी करें

ऐसी जगह चुनिए जहाँ पीछे से Traffic का खतरा न हो और Cable आराम से पहुँच जाए। दोनों गाड़ियाँ एक-दूसरे को छूनी नहीं चाहिए। Automatic है तो P में, Manual है तो Neutral में, और दोनों का Handbrake ऊपर।

Step 2: सब कुछ बंद, फिर Battery पर एक नज़र

दोनों गाड़ियों की चाबी बंद। Headlight, AC, Music, और Socket में लगा Mobile Charger भी निकाल दीजिए। अब Battery को एक बार गौर से देखिए। फूली हुई, टूटी, Acid रिसती या जमी हुई लगे, या अजीब बदबू आए, तो रुक जाइए। ऐसी Battery के साथ जोखिम मत लीजिए, Technician को बुलाइए।

Step 3: चारों Clamps सही क्रम में

ऊपर वाला क्रम: Red Dead (+), Red चालू (+), Black चालू (-), और Black Dead Car का Engine Metal। Clamps अच्छे से कसे हों, और Cable पंखे, Belt या गरम हिस्सों से दूर लटके।

Step 4: पहले चालू Car स्टार्ट करें

मददगार Car का Engine चालू कीजिए और 2-3 मिनट ऐसे ही चलने दीजिए। इससे आपकी Battery को थोड़ा सहारा मिल जाता है। Accelerator दबाकर Engine को ज़ोर-ज़ोर से घुमाने की कोई ज़रूरत नहीं।

Step 5: अब अपनी Car स्टार्ट करें

अब Dead Battery वाली Car स्टार्ट करने की कोशिश करें। अगर Engine स्टार्ट हो जाता है, तो दोनों गाड़ियों को कुछ देर ऐसे ही चलने दें, ताकि Alternator को Battery थोड़ी चार्ज करने का मौका मिले और गाड़ी अचानक दोबारा बंद न हो। अगर Engine स्टार्ट नहीं होता, तो Starter को लगातार Crank न करें, एक बार में 5-10 सेकंड काफी है। कुछ मिनट रुककर एक और कोशिश की जा सकती है, लेकिन 3-4 बार नाकाम कोशिश के बाद Professional Help लेना ही बेहतर है।

Step 6: Cable उल्टे क्रम में निकालें

    1. Dead Car के Engine Metal से Black Clamp।
    1. चालू Battery के Negative (-) से Black Clamp।
    1. चालू Battery के Positive (+) से Red Clamp।
    1. Dead Battery के Positive (+) से Red Clamp।
निकालते समय भी ध्यान रहे कि Clamps आपस में या किसी Metal से न छुएँ।

Step 7: गाड़ी चलाइए, और बाद में Battery चेक करवाइए

गाड़ी स्टार्ट हो गई, इसका मतलब ये नहीं कि Battery अब ठीक है। खड़ी Car में Engine चलाते रहने से Battery अच्छे से चार्ज नहीं होती, इसलिए कम से कम आधा घंटा सड़क पर चलाइए। Highway मिल जाए तो और अच्छा। पूरी तरह भरने के लिए असल में Battery Charger सबसे अच्छा रहता है। और अगर ये दिक्कत दोबारा हो, तो Battery और Charging System दोनों का Test करवा लीजिए।

Jump Start करते समय ये सावधानियाँ ज़रूर रखें

Jump Start बड़े काम की चीज़ है, लेकिन इसमें बिजली भी है और Acid भी। इसलिए ये बातें हल्के में मत लीजिए:
Jump Start करते समय क्या करें और क्या न करें: Car Battery Dead होने पर Safety Checklist
Jump Start की Safety Checklist: क्या करें, क्या न करें
    • Voltage एक जैसा हो: 12 Volt की Car को सिर्फ 12 Volt Battery से ही जोड़ें। अलग Voltage वाला जुगाड़ बिल्कुल नहीं।
    • + और – उल्टे न हों: उल्टा जुड़ा तो दोनों गाड़ियों के Electronics खराब हो सकते हैं।
    • Battery के पास सिगरेट या आग नहीं: Battery से निकलने वाली Hydrogen Gas आग पकड़ सकती है। ये सावधानी आपकी और आसपास के लोगों की जान बचा सकती है।
    • खराब Battery को हाथ न लगाएँ: दरार, Leakage, फूली या जमी हुई Battery हो तो Mechanic बुलाएँ।
    • Clamps आपस में न टकराएँ: इससे चिंगारी और Short Circuit होता है।
    • अंगूठी, Bracelet और ढीले कपड़े: उतार दें या दूर रखें, ये Terminal या घूमते Fan में फँस सकते हैं।
    • Highway पर खुद मत उलझिए: तेज़ Traffic वाली जगह हो तो Roadside Assistance बुलाइए। National Highway पर 1033, और इमरजेंसी में 112।
    • Hybrid और Electric Car: इनका तरीका अलग हो सकता है, सिर्फ Manual में लिखा तरीका ही अपनाइए।
Terminal पहचानने या सही Metal Point ढूँढने में ज़रा भी शक हो, तो Experiment मत कीजिए। किसी Mechanic से एक बार दिखा लेना ही समझदारी है।

गाड़ी के हिसाब से कुछ ज़रूरी बातें

Automatic Car

Automatic Car को भी इसी तरह Jump Start किया जा सकता है, बस Gear P में रहे। हाँ, Automatic गाड़ी धक्का देकर स्टार्ट नहीं होती, तो Cable या Jump Starter ही रास्ता है।

Manual Car

Manual Car को Neutral और Handbrake के साथ Jump करें। धक्का मारकर स्टार्ट करने वाला पुराना तरीका भी लोग अपनाते हैं, पर उसमें जोखिम है। नई गाड़ी में पहले Manual देख लीजिए।

सर्दियों में Battery ज़्यादा धोखा क्यों देती है?

ठंड में Battery की ताकत कम हो जाती है, और Engine Oil गाढ़ा होने से Engine को घुमाने में ज़्यादा करंट लगता है। इसीलिए कमज़ोर Battery अक्सर सर्दी की सुबह ही जवाब देती है। ठंड शुरू होने से पहले एक बार Battery Test करवा लेना सही रहता है।

Jump Start के बाद भी Car स्टार्ट न हो तो?

कई बार सब सही करने के बाद भी गाड़ी नहीं चलती। मतलब दिक्कत सिर्फ खाली Battery की नहीं है। ये वजहें हो सकती हैं:
    • ढीले या जंग लगे Terminals: साफ और कसवाने पड़ेंगे, इससे Battery भी लंबी चलती है।
    • Battery ही जवाब दे चुकी: Load Test करवाइए। चार्ज नहीं पकड़ रही, तो बदलनी पड़ेगी।
    • Alternator खराब: Charging System Test करवाइए, वरना Battery बार-बार बैठेगी।
    • Starter Motor: Lights तेज़ हैं पर Engine हिलता भी नहीं, तो Starter या उसकी Wiring देखनी होगी।
    • Fuel या Ignition: Engine घूम रहा है पर पकड़ नहीं रहा, तो दिक्कत Fuel Supply या Ignition में हो सकती है। कई बार Fuel Line में कचरा भी वजह बनता है।
बार-बार Jump Start करना पक्का इलाज नहीं है। इससे न सिर्फ Battery, बल्कि पूरी गाड़ी की सेहत पर असर पड़ता है। अगर Car अजीब आवाज़ करे, Warning Lights दिखाए या स्टार्ट होने के बाद तुरंत बंद हो जाए, तो Mechanic से पूरी जाँच करवाना ही सही रास्ता है।

Jumper Cable, Jump Starter और नई Battery का खर्च

चीज़ लगभग कीमत (2026) कब काम आती है
Jumper Cable (8 Gauge, 12-16 फीट) ₹650 – ₹1,700 दूसरी Car मौजूद हो तो
Portable Jump Starter ₹4,600 – ₹23,000 अकेले हों, दूसरी Car न मिले
नई Battery (Hatchback, 35-45 Ah) ₹4,500 – ₹7,500 Battery 3-5 साल पुरानी हो या चार्ज न पकड़े
नई Battery (SUV, 55-75 Ah) ₹8,000 – ₹13,500 बड़ी गाड़ियों के लिए
कीमत Brand, शहर और दुकान के हिसाब से ऊपर-नीचे होती है। पुरानी Battery दे दें तो आमतौर पर कुछ सौ रुपये कम हो जाते हैं।

लोग अक्सर ये गलतियाँ कर बैठते हैं

    • आखिरी Black Clamp सीधे Dead Battery के Negative पर लगा देना।
    • Red और Black की जगह आपस में बदल देना।
    • Cable लगाते वक्त दोनों गाड़ियाँ चालू रखना।
    • गाड़ी नहीं चली तो Starter को लगातार घुमाते रहना।
    • Jump के तुरंत बाद गाड़ी बंद कर देना, और फिर Battery वहीं की वहीं।
    • सस्ती, पतली या कटी हुई Jumper Cable से काम चलाना।

आगे से Car Battery Dead न हो, इसके लिए

थोड़ी सी आदतें बदल लें, तो ये झंझट बहुत कम हो जाता है। गाड़ी का ध्यान भी उतना ही ज़रूरी है जितना अपना।
    • गाड़ी से उतरने से पहले एक नज़र, Headlight और Cabin Light बंद हैं या नहीं।
    • गाड़ी लंबे समय खड़ी रहनी है, तो हफ्ते में एक बार 20-30 मिनट चला दें।
    • हर Servicing पर Battery के Terminals और उसकी पकड़ (Mounting) चेक करवाएँ।
    • Battery 3 साल पार कर गई या स्टार्ट में सुस्ती लगे, तो पहले ही Test करवा लें।
    • Dashboard पर Battery वाली Light को नज़रअंदाज़ न करें, छोटी दिक्कत बड़ी बन जाती है।
    • डिक्की में एक अच्छी Jumper Cable या Jump Starter रख लें।

Mechanic के पास कब जाना ही ठीक है?

    • Battery फूली, टूटी या रिसती दिखे।
    • 3-4 कोशिशों के बाद भी गाड़ी न चले।
    • Jump के बाद गाड़ी थोड़ी देर में फिर बंद हो जाए।
    • Battery वाली Warning Light बार-बार जले।
    • Hybrid या Electric Car हो और Manual में तरीका साफ न हो।
    • Terminal या Metal Point पहचानने में शक हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Jump Start के बाद Car कितनी देर चलानी चाहिए?

कम से कम आधा घंटा सड़क पर चलाइए, Highway मिले तो और बढ़िया। खड़ी गाड़ी में Engine चालू रखने से Battery ठीक से चार्ज नहीं होती। पूरी चार्जिंग के लिए Battery Charger सबसे सही है।

क्या Black Cable को Dead Battery के Negative Terminal पर लगा सकते हैं?

बेहतर यही है कि आखिरी Black Clamp Dead Car के Engine के बिना पेंट वाले Metal पर लगे। आखिरी Clamp पर चिंगारी आ सकती है और Battery के पास Hydrogen Gas हो सकती है। हाँ, Manual में कोई और Point लिखा हो तो वही मानिए।

क्या Automatic Car को Jump Start कर सकते हैं?

बिल्कुल। Gear P में रखिए और इसी तरीके से Jump कीजिए। बस धक्का देकर Automatic गाड़ी स्टार्ट नहीं होती।

क्या Jump Start करने से Car को नुकसान हो सकता है?

सही क्रम में और 12 Volt Battery से किया जाए तो नहीं। नुकसान तब होता है जब + और – उल्टे लग जाएँ या Clamps आपस में टकरा जाएँ, इससे Electronics खराब हो सकते हैं।

Car Battery बार-बार Dead क्यों होती है?

ज़्यादातर पुरानी Battery (3-5 साल), खराब Alternator, Terminals पर जंग, Lights जलती छोड़ देना या गाड़ी का लंबे समय तक खड़ा रहना। Battery और Charging System का Test करवा लीजिए, असली वजह सामने आ जाएगी।

Jumper Cable कितने की आती है?

अच्छी 8 Gauge, 12-16 फीट की Cable लगभग ₹650 से ₹1,700 में मिल जाती है। बहुत पतली और सस्ती Cable से बचिए, वो गरम होकर पिघल सकती है।

बिना दूसरी Car के Jump Start कैसे करें?

Portable Jump Starter से अकेले भी काम हो जाता है। ये लगभग ₹4,600 से ₹23,000 तक आता है। इस्तेमाल हमेशा कंपनी के बताए तरीके से ही कीजिए।

आखिरी बात

Battery Dead होने पर Jump Start करना एक काम का Temporary हल है, जो सही सामान और सही तरीके से आपकी Car को दोबारा स्टार्ट कर सकता है। लेकिन इसका नतीजा Battery की हालत और गाड़ी के Electrical System पर भी निर्भर करता है। सबसे ज़रूरी बात है Jumper Cable का सही Order: Red Cable दोनों Positive Terminals पर, Black Cable चालू Battery के Negative पर, और आखिरी Black Clamp Dead Car के Engine Metal पर। निकालते समय इसका उल्टा क्रम अपनाएँ। Safety से कभी समझौता न करें। खराब Battery, गलत Voltage या किसी भी शक की हालत में Mechanic की मदद लेना ही समझदारी है। और अगर Jump Start के बाद भी Battery बार-बार डिस्चार्ज हो रही है, तो सिर्फ इसी के भरोसे न रहें, Battery और Charging System की जाँच करवाएँ, ज़रूरत हो तो Battery बदलवा लें। सही जानकारी, सही Cable Order और थोड़ी सावधानी के साथ आप Battery वाली इमरजेंसी को आराम से सँभाल सकते हैं, और किसी बड़े नुकसान से भी बच सकते हैं। Battery और बिजली से जुड़ी बाकी दिक्कतों के लिए हमारी Electrical & Battery गाइड देखिए, और रास्ते में Engine गरम हो जाए तो Engine Overheat होने पर क्या करें पढ़िए।